जिले में बढ़ रही ज्यादती और दुष्कर्म की घटनाओं के कारण पुलिस प्रशासन ने बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए...।
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| प्रतीकात्मक चित्र |
मुरैना। होटलों में अनैतिक गतिविधियों और आए दिन हो रही दुष्कर्म की वारदातों के कारण पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने अपने जिले में आदेश जारी कर कहा है कि वे होटल, ढाबे पर नजर रखें और शहर के नाबालिग और लड़के-लड़कियों पर नजर रखें। होटल संचालकों को भी कहा है कि वे लड़के और लड़कियों को खासकर नाबालिगों को कमरा न दें।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने शहर व हाइवे के होटल, ढाबा, संचालकों की बैठक ली और उनको तमाम दिशा निर्देश दिए। उनसे कहा कि नाबालिग लडक़े व लड़कियों को होटल में कमरा न दें और जिन होटल में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वह सात दिन में लगवाएं।
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पुलिस अधीक्षक ने खासकर नाबालिग लडक़े लड़कियों को कमरा देने पर सख्त नाराजगी जताई है और कहा कि अगर इनको कमरा दिया तो मैंनेजर व संचालकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बिना आइडी नंबर, मोबाइल नंबर के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाए। साथ ही कहा है कि अगर नाबालिग लडक़े लड़कियां स्थानीय निवासी हैं तो होटल वाले उनके परिवार वालों से फोन पर तस्दीक कर लें कि आपका लडक़ा या लडक़ी हमारे यहाँ होटल में आए हैं, क्या इनको रोक लें। पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों से होटल संचालकों के चेहरे की हवाइयां उड़ चुकी हैं।
होटल में धारा 144 लगाई और अब पुलिस अधीक्षक ने होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक लेकर तमाम दिशा निर्देश दिए हैं। बैठक में सीएसपी अतुल सिंह, शहर कोतवाल योगेन्द्र ङ्क्षसह जादौन, सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रवीण चौहान, स्टेशन रोड थाना प्रभारी आशीष राजपूत सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
