Aajamgarh : भगवा फहराने को लेकर दो समुदाय के लोग आये आमने सामने, पुलिस बल तैनात

Aajamgarh: People of two communities came face to face to hoist saffron, police force deployed
भगवा फहराने को लेकर दो समुदाय के लोग आये आमने सामने, पुलिस बल तैनात

आजमगढ़। निजामाबाद कस्बा जहां मुस्लिम शादी के कार्ड पर गणेश की की फोटो छपवाता रहा है और हिंदू मुस्लिम भाइयों के लिए उर्दू में कार्ड छपवाते रहे हैं वहां आज सांप्रदायिक तनाव ने लोगों को चौका दिया है। तनाव किष्किंधा पर्वत के प्रतीक रुपी कुंए पर भगवा ध्वज फहराने को लेकर है। जबकि यह परम्परा वर्षो से चली आ रही है लेकिन पहली बार पड़ोस के एक परिवार ने विरोध किया और दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए। मामले की जानकारी होने पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। पुलिस और जिला प्रशासन के लोग मौके पर डटे हुए है। दोनों पक्षों को समझाकर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।

आपको बता दें कि आजमगढ़ जिले का निजामाबाद कस्बा गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल रही है। यहां वर्षों से रामलीला का मंचन मस्जिद के थोड़ी दूर पर होता रहा है। यहां तक कि कलाकार सामान तक मंदिर परिसर में रखते थे लेकिन कभी विरोध तो दूर किसी तरह का मामूली विवाद भी नहीं हुआ। इस बार भी रामलीला का मंचन पारंपरिक ढंग से चल रहा है लेकिन पहली बार यहां सौहार्द बिगाड़ने वाले खुलकर सामने आ गए हैं।

परंपरा के अनुसार रामलीला स्थल के पास ही स्थित कुंए को किष्किंधा पर्वत प्रतीक मानकर यहां प्रतिवर्ष भगवा झंडा लगाया जाता है। दशहरे के बाद उसे हटा दिया जाता है। रोज की भांति कस्बे में परंपरागत तरीके से रामलीला का मंचन हो रहा था। किष्किंधा पर्वत पर बाली और सुग्रीव युद्ध का मंचन चल रहा था कि इसी बीच किष्किंधा पर्वत रूपी कुएं पर ध्वज लगाने से बगल में बसे दूसरे समुदाय के एक परिवार ने विरोध शुरू कर दिया।

रामलीला समिति के लोगों ने उसे समझाया कि यहां प्रतिवर्ष ध्वज लगात है और विजयादशमी के बाद हटा दिया जाता है लेकिन वे लोग किसी भी कीमत पर भगवा रंग के ध्वज को मानने को तैयार नहीं हुए। इस पर दोनों तरफ से तनाव बढ़ना शुरू हो गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ-पांव फूलने लगे। थानाध्यक्ष भारी संख्या में फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। साथ ही तनाव की जानकारी अधिकारियों को दी। उप जिलाधिकारी रवि कुमार, क्षेत्राधिकारी सौम्या सिंह तथा कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। इस बीच प्रशासन की मध्यस्थता में स्थानीय लोगों ने समझौते का काफी प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्षों में से कोई भी मानने को तैयार नहीं था। पुलिस की देखरेख में रामलीला का मंचन हुआ। अब भी अधिकारी सुलह समझौते के प्रयास में जुटे हैं।


Previous Post Next Post